पहली गाली पर सर काटने की शक्ति होने बाद भी यदि 99 और गाली सुनने का ‘सामर्थ्य’ है, तो वो कृष्ण हैं।

‘सुदर्शन’ जैसा शस्त्र होने के बाद भी यदि हाथ में हमेशा ‘मुरली’ है, तो वो कृष्ण हैं।

‘द्वारिका’ का वैभव होने के बाद भी यदि ‘सुदामा’ मित्र है, तो वो कृष्ण हैं।

‘मृत्यु’ के फन पर मौजूद होने पर भी यदि ‘नृत्य’ है, तो वो कृष्ण हैं।

‘सर्वसामर्थ्य’ होने पर भी यदि सारथी’ बने हैं, तो वो कृष्ण हैं।

जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं